
सांगला (किन्नौर)। कल्पा खंड के तहत आने वाली ग्राम पंचायत सापनी में किसानों को सिंचाई सुविधा न मिलने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, आईपीएच विभाग ने इस क्षेत्र के लिए कूहल का निर्माण भी कर रखा है लेकिन कूहल के जगह-जगह से टूटे होने के कारण बागवानों और किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। गर्मी का मौसम होने से नकदी फसलें सूखने के कगार पर हैं। सापनी पंचायत के तहत आने वाले गांव कारमो, चौकचरा, ब्रैयानंग, चुलेनदैन तथा शनादैन के करीब पांच सौ के करीब बागवानों और किसानों की नकदी फसल पर संकट मंडरा गया है। पानी न मिलने से इन लोगों की मटर, जौ, सेब सहित अन्य नकदी फसलों की सिंचाई न होने से पूरी की पूरी फसल नष्ट होने के कगार पर है। हालांकि, लोगों ने इसके बारे में ग्राम पंचायत और अपने स्तर पर शिकायत भी की है, लेकिन इसके बावजूद आईपीएच विभाग कूहल को दुरुस्त करना जरूरी नहीं समझ रहा है।
बागवानों और किसानों में उपप्रधान छेरिंग नेगी, संजू नेगी, शारी चंद नेगी, लखन पाल नेगी, गुलाबपूर नेगी, भारत सिंह नेगी, मनिंद्र सिंह नेगी, चंद्र सिंह नेगी, जगदीश नेगी, उमा भारती नेगी, लाल सिंह नेगी, नवीन कुमार नेगी, राजकमल नेगी, योग राज नेगी, विजय नेगी, प्रमोद नेगी सहित अन्य ने प्रदेश सरकार और आईपीएच विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सिंचाई के लिए बनाई गई कूहल को दुरुस्त किया जाए। इसके बारे में आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता राकेश नेगी का कहना है कि सड़क क्रासिंग के पास परेशानी पेश आ रही है। इसके बारे में ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। अगर फिर भी ठेकेदार ने कूहल को दुरुस्त नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।
